त्वचा की सूजन
- कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस, सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस, त्वचा संक्रमण (जैसे इम्पेटिगो, एरिसीपेलस) जैसी सूजन वाली त्वचा संबंधी बीमारियों से पीड़ित होने पर, त्वचा की सुरक्षात्मक परत क्षतिग्रस्त हो जाती है। माइक्रोनीडल उपचार से त्वचा की सुरक्षात्मक परत को और अधिक नुकसान पहुंच सकता है और सूजन बढ़ सकती है तथा संक्रमण फैल सकता है।
त्वचा के ट्यूमर
- मेलानोमा और बेसल सेल कार्सिनोमा जैसी त्वचा संबंधी घातक बीमारियों के लिए माइक्रोनीडल उपचार पूरी तरह से प्रतिबंधित है ताकि ट्यूमर कोशिकाओं की वृद्धि और मेटास्टेसिस को बढ़ावा न मिले।
निशान संविधान
इस प्रकार की त्वचा वाले लोगों की त्वचा को नुकसान पहुंचने पर आसानी से हाइपरट्रॉफिक निशान या केलोइड बन जाते हैं। माइक्रोनीडल उपचार से त्वचा को आघात पहुंचता है और निशानों का अत्यधिक फैलाव हो सकता है।
रक्त जमाव विकार
- जिन लोगों को थ्रोम्बोसाइटोपेनिया है या जो एंटीकोएगुलेंट दवाएं ले रहे हैं, उनके लिए माइक्रोनीडल उपचार से रक्तस्राव को रोकना मुश्किल हो सकता है या बड़े-बड़े घाव हो सकते हैं, जिससे उपचार का जोखिम बढ़ जाता है।
पोस्ट करने का समय: 21 नवंबर 2024






